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पर्यावरण अध्ययन की बहुविषयी प्रकृति || Multidisciplinary Nature of Environmental Studies

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पर्यावरण विषय की प्रकृति बहुविषयी है। यह एक से अधिक विषयों का समन्वित रूप है,इसका संबंध अनेक विषयों से है। प्राकृतिक एवं सामाजिक विज्ञान की अनेक शाखाओं में पर्यावरण का तथा पर्यावरण में इन शाखाओं का अध्ययन किया जाता है। वनस्पति विज्ञान,जीव विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान,भूगोल आदि विषयों का पर्यावरण विषय से अत्यधिक गहरा संबंध है।

Environment theme is multidisciplinary in nature.It is an integrated form of more than one subject, it is related to many subjects.The environment is studied in many branches of the natural and social sciences and these branches in the environment.Subjects like Botany, Biology, Chemical Science, Sociology, Economics, Political Science, Geography etc. have a very deep relation with the environmental subject.

पर्यावरण अध्ययन की बहुविषयी प्रकृति को हम निम्न बिंदुओं के द्वारा समझ सकते हैं (We can understand the multidisciplinary nature of environmental studies from the following points:)-

1.वनस्पति शास्त्र और पर्यावरण अध्ययन- वनस्पति शास्त्र तथा पर्यावरण एक दूसरे से अंतर्सबंधित हैं। पर्यावरण ही वनस्पति जगत का आधार कहलाता है। पर्यावरण के तत्व जल,वायु, मृदा, तापमान वर्षा आदि सम अनुकूलन से ही वनस्पति जगत अस्तित्व में आता है। पर्यावरण विषय में वनस्पति की भूमिका को समझाते हुए यह जानने का प्रयत्न किया जाता है, कि वनस्पति किस प्रकार पर्यावरण अवनयन के सुधार में सहायता प्रदान कर सकती है।इस प्रकार वनस्पति शास्त्र की शिक्षा या जानकारी के बिना पर्यावरण अध्ययन अधूरा एवं एकांगी है।

1.Botany and Environmental Studies- Botany and environment are interrelated with each other. Environment is called the base of the plant world.The plant world comes into existence only due to the equal adaptation of the elements of the environment like water, air, soil, temperature, rainfall etc.Explaining the role of vegetation in the environment, it is tried to know how vegetation can help in the improvement of environmental degradation. Thus, environmental study is incomplete and one-sided without the education or knowledge of botany.
2.प्राणीशास्त्र एवं पर्यावरण अध्ययन- प्राणीशास्त्र पर्यावरण अध्ययन में बहुत अधिक सहायक सिद्ध होता है। यह पर्यावरण अध्ययन का एक प्रमुख पक्ष है। प्राणी शास्त्र में जीव जंतुओं के प्रकार,उनकी विविध प्रजातियां का विकास, शारीरिक संरचना, जीवों का पोषण कार्यप्रणाली वितरण, स्थानांतरण आदि का ज्ञान प्राप्त होता है। पर्यावरण अध्ययन में जैविक घटकों का विशेष महत्व है। जैविक घटक में प्राणी मुख्य है। पारिस्थितिक तंत्र में प्राणियों के परस्पर अंतर्संबंध का उचित रूप से अवबोध प्राणी विज्ञान की सहायता से ही पूर्ण होता है।
2.Zoology and Environmental Studies- Zoology proves to be very helpful in environmental studies.This is a major aspect of environmental studies.In zoology, knowledge is obtained about the types of animals, their development of various species, physical structure, nutrition, distribution, transfer, etc.Biological components have special importance in environmental studies.In the biological component animal is the main. Proper understanding of the interrelationship of animals in an ecosystem is accomplished only with the help of zoology.
3.रसायन विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन- रसायन विज्ञान पर्यावरण विषय का आधार है।वायु, जल, मृदा की संरचना विविध प्रकार की गैसें हैं। वर्षा जल के प्रभाव पारिस्थितिकी तंत्र में चलने वाले विभिन्न चक्रों को रसायन विज्ञान की सहायता से ठीक से समझा जा सकता है। पर्यावरण विषय में विविध प्रकार के पर्यावरण प्रदूषण को रसायन विज्ञान के बिना समझना संभव नहीं है। जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मृदा प्रदूषण का वनस्पति तथा प्राणियों पर प्रभाव रसायन विज्ञान के अध्ययन से ही जाना जा सकता है।
3.Chemistry and Environmental Studies– Chemistry is the basis of environmental discipline.The composition of air, water, soil are different types of gases. Effects of rainwater The various cycles going on in the ecosystem can be properly understood with the help of chemistry.It is not possible to understand the various types of environmental pollution in the subject of environment without chemistry.The effect of water pollution, air pollution, soil pollution on flora and fauna can be known only through the study of chemistry.
4.भौतिक शास्त्र एवं पर्यावरण अध्ययन- पर्यावरण के अनेक कारक, जैसे- ताप,प्रकाश, रेडियोधर्मिता ध्वनि आदि का अध्ययन भौतिक शास्त्र में किया जाता है। तापीय रेडियोधर्मी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण शोध आदि भौतिक शास्त्र में ही किए जाते हैं।
4.Physics and Environmental Studies- Many factors of the environment, such as temperature, light, radioactivity, sound etc., are studied in physics.Environmental research to reduce thermal radioactive noise pollution is done in physics itself.
5.मौसम विज्ञान एवं पर्यावरण अध्ययन- मौसम संबंधी कारक पर्यावरण को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं। तापमान दाब, वर्षा, हिमपात, ओलावृष्टि, पाला पड़ना, कोहरा आदि के अध्ययन के लिए मौसम विज्ञान का अध्ययन किया जाना अति आवश्यक होता है।
5.Meteorological and Environmental Studies- Meteorological factors greatly affect the environment.It is very important to study meteorology for the study of temperature pressure, rain, snow, hail, frost, fog etc.
6.भूगर्भ विज्ञान एवं पर्यावरण अध्ययन- इन दोनों विषयों का भी अत्यंत घनिष्ट संबंध है। भूगर्भ में होने वाले बदलाव जैव मंडल के पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।भूगर्भ में अनेक प्रकार की चट्टाने एवं खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।आंतरिक शक्तियां तथा बाह्य शक्तियां इन चट्टानों में विखंडन करके जैव-भूरासायन चक्र को प्रारंभ करने में सहायता करते हैं।अतः पर्यावरण अध्ययन में भूगर्भ विज्ञान का अध्ययन किया जाता है।
6.Geology and Environmental Studies- These two subjects are also very closely related.Changes in the Earth's crust affect the environment of the biosphere.Many types of rocks and minerals are found in sufficient quantities in the Earth's crust. Internal forces and external forces help in starting the biogeochemical cycle by breaking these rocks.Therefore, geoscience is studied in environmental studies.
7.अर्थशास्त्र एवं पर्यावरण अध्ययन- अर्थशास्त्र एवं पर्यावरण अध्ययन में भी विशेष संबंध है। विभिन्न आर्थिक क्रियाओं का पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विकास की अंधी दौड़ में पर्यावरण को नजरअंदाज करते हुए आर्थिक क्रियाएं पूरी तरह से पूर्ण की जा रही हैं। प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध तथा अनियोजित शोषण किया जा रहा है, इससे पर्यावरण अवनयन होता जा रहा है। अतःपर्यावरण व आर्थिक क्रियाओं में संतुलन होना बेहद जरूरी होता है।इसी कारण अर्थशास्त्र एवं पर्यावरण अध्ययन एक दूसरे से संबंधित हैं।
7.Economics and Environmental Studies- There is also a special relationship between economics and environmental studies.Various economic activities have adverse effects on the environment.In the blind race of development, ignoring the environment, economic activities are being completed completely.Indiscriminate and unplanned exploitation of natural resources is being done, due to which the environment is getting degraded.Therefore, it is very important to have a balance between the environment and economic activities.That is why economics and environmental studies are related to each other.
8.भूगोल एवं पर्यावरणअध्ययन-भूगोल एवं पर्यावरण का बहुत ही गहरा संबंध है। ये एक दूसरे से पूरी तरह से जुड़े हुए हैं।भूगोल के मुख्य विषय-वस्तु मानव और पर्यावरण के मध्य संबंध का अध्ययन उचित अध्ययन ही है। भूगोल में पर्यावरण की पारिस्थितिकी व्यवस्था तथा किसी सामाजिक सांस्कृतिक संबंधों को समझने एवं उनका मूल्यांकन करने का प्रयत्न किया जाता है।पर्यावरण में भूगोल के महत्व के कारण भूगोल की एक नवीन शाखा का निर्माण हुआ है, जिसे पर्यावरण भूगोल भी कहा गया है।
8.Geography and Environmental Studies-Geography and environment are very closely related.These are completely related to each other.The main theme of geography is the study of the relationship between humans and the environment.In geography, an attempt is made to understand and evaluate the ecological system of the environment and any socio-cultural relationships.Due to the importance of geography in the environment, a new branch has been created, which is called environmental geography.It has also been said.
9.राजनीति विज्ञान एवं पर्यावरण अध्ययन- ये दोनों भी अंतर संबंधित विषय पर्यावरण के अनेक संगठक जैसे प्राकृतिक दशा, संसाधन, मिट्टी की उर्वरता, जनसंख्या, समुद्रतटीय स्थिति, किसी राष्ट्र के राजनीतिक ढांचे, सरकार के स्वरूप, अन्य देशों से संबंध को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में प्रभावित करते हैं।वर्तमान में तो विश्वव्यापी स्तर पर पर्यावरण की राजनीति होने लगी है। पर्यावरण विषय पर अंतर्राष्ट्रीय समझौते होने लगे हैं एवं अनेक अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं पर्यावरण विषय की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
9.Political Science and Environmental Studies- Both of these are also inter related subjects.Many organizers of environment such as natural condition, resources, soil fertility, population, coastal condition, political structure of a nation, forms of government, Affect the relationship with other countries directly or indirectly. At present, environmental politics has started happening at the worldwide level. International agreements are being made on the subject of environment and many international organizations are working towards environmental issues.
10.समाजशास्त्र एवं पर्यावरण अध्ययन- इन दोनों विषयों का भी बहुत ही गहरा संबंध है। पर्यावरण अध्ययन में पारिस्थितिकी एवं मानव संबंधों का अध्ययन किया जाता है।आधुनिक समय में सामाजिक एवं नैतिक मूल्य परिवर्तित हो रहे हैं। वर्तमान सामाजिक परिवर्तनों के कारण प्राचीन मूल्यों में गिरावट के फल स्वरुप पर्यावरण अवनयन होते जा रहा है। जहां पहले वृक्ष काटना पाप था,नदियों एवं पर्वतों की पूजा की जाती थी, वहां आज वृक्षों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है,नदियों में अपशिष्ट बहाए जा रहे हैं, एवं नदियां दूषित होती जा रही हैं, पर्वतों को तोड़ा जा रहा है। इन सभी के कारण प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि होती जा रही है।
10.Sociology and Environmental Studies- Both these subjects are also very closely related.Ecology and human relations are studied in environmental studies.Social and moral values ​​are changing in modern times.Due to current social changes, environmental degradation is happening as a result of decline in ancient values.Where earlier it was a sin to cut trees, rivers and mountains were worshipped, today trees are being cut indiscriminately, wastes are being thrown in rivers, and rivers are getting polluted, mountains are being broken.Due to all these natural disasters are increasing.
11.इतिहास एवं पर्यावरण अध्ययन- इतिहास के विविध पक्ष भी पर्यावरण से जुड़े हुए हैं। पर्यावरण विषय का भी इतिहास होता है।आज तक कई सभ्यताओं का उत्थान-पतन हुआ है। इनके उत्थान एवं पतन में पर्यावरण की भूमिका सर्वोपरि है। पर्यावरण असंतुलन के कारण कई पुरानी सभ्यताएं समाप्त हो गई हैं।
11.History and Environmental Studies– Various aspects of history are also related to the environment.The subject of environment also has a history.Till date many civilizations have rising-fall. The role of environment is paramount in their rise and fall.Many old civilizations have perished due to environmental imbalance.
12.विधि (कानून) एवं पर्यावरण अध्ययन- विधि अथवा कानून का भी पर्यावरण से घनिष्ठ संबंध है। पर्यावरण संरक्षण के लिए वर्तमान में अनेक नियम-अधिनियम बनाए हैं।इन सब के निर्माण एवं अनुपालन हेतु विधि की जानकारी होना आवश्यक है।

12.Law (Law) and Environmental Studies- Law or law is also closely related to environment.At present, many rules and acts have been made for environmental protection.For the creation and compliance of all these, it is necessary to have knowledge of the law.

I hope the above information will be useful and important.
(आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।)
Thank you.
R F Temre
edudurga.com

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