(65) 288362
वृद्धि केवल परिपक्व अवस्था तक ही सीमित होती है जबकि विकास जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है।
(58) 9339
वर्तमान समय में व्यक्तित्व का मूल्यांकन व्यक्ति के समस्त आंतरिक एवं बाह्य गुणों के आधार पर किया जाने लगा है।
(57) 1855
वर्तमान में प्रत्येक अभिभावक चाहता है कि उनके बच्चे खूब पढ़ाई करें और आगे बढ़े। किन्तु अक्सर देखा जाता है कि बच्चे पढ़ाई को छोड़ अन्य कार्यों में ज्यादा लग जाते हैं।
(52) 11762
स्वयं को व्यक्त करने हेतु मनुष्य ध्वनि संकेतों तथा अंग-प्रत्यंगों के संचालन का आश्रय लेता है,यही भाषा के अंतर्गत आता है।
(48) 3341
संज्ञान वह मानसिक क्रिया है,जिसके माध्यम से ज्ञानार्जन संभव होता है,जिसमें ज्ञान या जानकारी प्रत्यक्षीकरण,अंतः प्रज्ञा (intution)और तर्क सम्मिलित होते हैं।
(44) 4027
शिक्षा का शाब्दिक अर्थ है- ज्ञान,विद्या व जानकारी प्राप्त करने से है।
(27) 4267
अतःअध्ययनों ने सिद्ध कर दिया है कि इस तरह के बदलाव निश्चित सिद्धांतों के अनुसार ही होते हैं।इन्ही परिवर्तनों को ही विकास के सिद्धांत कहा जाता है।
(25) 12352
योजना के माध्यम से कार्य की अनुमानित रूपरेखा के बारे में सही मार्गदर्शन मिलता है।
(20) 7020
बालक के मानसिक स्वास्थ्य को एवं व्यवहार को बनाए रखने हेतु हमें मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान की संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए।
(12) 4406
इस अवधारणा के अनुसार शिक्षा का एकमात्र उद्देश्य बालक की शक्तियों एवं योग्यताओं का उचित विकास करना है।
(3) 6910
व्यक्ति क्षेत्र विशेष में ज्यादा से ज्यादा सफलता प्राप्त करता है। ऐसी जन्मजात एवं भविष्य की ओर उन्मुख योग्यताओं क्षमताओं कोअभिक्षमता कहते हैं।
Recent Posts
अंग्रेजी ओलम्पियाड तैयारी : कक्षा 6, 7 एवं 8 के लिए 50 महत्वपूर्ण अंग्रेजी व्याकरण और भाषा ज्ञान आधारित वैकल्पिक प्रश्न
वीरांगनाएं भारत की – ऑपरेशन सिंदूर की शूरवीर महिलाएं – विंग कमांडर व्योमिका सिंह और लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी
रामनवमी विशेष - राम रक्षा स्तोत्र (हिन्दी अनुवाद सहित)- श्री राम पूजन विधान, राम रक्षा कवच, राम स्तुति, राम चालीसा एवं आरती
Categories
Subcribe