(69) 2162
अधिकांश पर्वतों का निर्माण लाखों करोड़ों-वर्षों की अवधि में पृथ्वी की सतह में भीषण परिवर्तनों के कारण हुआ है।
(64) 3492
पर्वतीय नगर स्वास्थ्यवर्धक जलवायु एवं नैसर्गिक सौंदर्य का हमें समय-समय पर बोध कराते रहते हैं।
(63) 2123
झील से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को निरंतर ताजे-ताजे पोषक तत्व प्राप्त होते रहते हैं।झीलें व आर्द्रभूमि कार्बन को अलग करने का कार्य भी करती हैं।
(62) 2599
अन्य नाम जो कि अपनी किसी विशेषता को अभिव्यक्त करता है, 'उपनाम' कहलाता है।
(53) 4604
आधुनिक समय में भी जनसंख्या तथा कृषि का संकेंद्रण नदी व घाटी क्षेत्रों के अंतर्गत देखा जा सकता है।
(50) 19030
ताप के प्रभाव से जलीय वायुमंडलीय पारिस्थितिकीय-तंत्र में प्रभावी बदलाव तापीय प्रदूषण के अंतर्गत आता है।
(45) 1797
टूट कर गिरने वाले यह पिंड तारे नहीं बल्कि उल्काएं होते हैं।ये अत्यधिक तेज गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं।
(42) 2077
चट्टानों को प्रमुख तीन वर्गों में बांटा जाता है,आग्नेय, अवसादी और कायांतरित चट्टानें।
(40) 2128
कभी-कभी कुछ गर्म चश्में (भूमिगत दरार) का जल वाष्प और जल के फव्वारे के रूप में जमीन से रुक-रुक कर बाहर निकलता रहता है।इसी क्रिया को हम 'गीजर' के नाम से जानते हैं।
(35) 1716
वर्तमान समय में विकास का मेरुदंड ऊर्जा को माना गया है।ऊर्जा के आधार पर ही विकास के समस्त कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं।
(10) 2024
प्रायः गर्म चश्मा से निकलने वाला जल का तापमान सामान्य चश्मों की अपेक्षा ज्यादा होता है।
(9) 2788
आपदा से मानव समाज की कार्य प्रणाली भी बहुत ज्यादा बाधित होती है।एवं अधिक मात्रा में लोग बुरी तरह प्रभावित भी होते हैं।
(5) 1412
जल वायुमंडल में तीन अवस्थाओं में उपस्थित होता है ,वे तीन अवस्थाएँ हैं- ठोस, द्रव, एवं गैस।
(4) 1251
अंतरिक्ष युग की शुरुआत रूस देश से प्रारंभ हुई। 4 अक्टूबर, 1957 को रूस देश ने अपना पहला उपग्रह स्पूतनिक -1 अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक भेजा था।
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