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सामाजिक संस्थाओं का परिचय || Introduction to Social Institutions

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प्रत्येक व्यक्ति एक समाज का सदस्य है।एक समाज के सदस्य के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए समाज के विभिन्न संस्थानों से अवगत होना चाहिए।परिवार शिक्षा,धर्म,अर्थव्यवस्था एवं राजनीति जैसे कुछ महत्वपूर्ण संस्थान हैं।

Every person is a member of a society.One should be aware of the various institutions of the society while playing their important role as a member of the society.Family is some important institutions like education, religion, economy and politics.

सामाजिक संस्थाओं के निम्न प्रकार होते हैं-
1.परिवार- परिवार समाज का आधार है।समाज का निर्माण परिवार से ही होता है।परिवार के बिना मनुष्य व समाज दोनों का अस्तित्व अधूरा है।हम सभी परिवार में रहते हैं। परिवार एक ऐसी संस्था है,जो समस्त देशों में पाई जाती है।परिवार एक सार्वभौमिक संस्था है जो विवाहित स्त्री पुरुष और बच्चों से बनी होती है।इस संस्था पर ही समाज का अस्तित्व निर्भर करता है।परिवार पति-पत्नी तथा उनके बच्चों की एक जैविक सामाजिक इकाई है।परिवार समाज की प्रमुख संस्था है।यह संस्था समाज के द्वारा मान्यता प्राप्त एक ऐसा संगठन है जिससे निश्चित मानवीय आवशयकताओं की पूर्ति होती है।
2.शिक्षण संस्थाएँ- इस तरह की संस्थाएँ हमें समाज का प्रकार्यात्मक सदस्य बनाती हैं।और यही समाजीकरण हैं।शिक्षण संस्थाओं में समाजीकरण के प्रमुख तीन स्रोतों को माना गया है-गुरूजन,सहपाठी,पुस्तकें। इन्हीं तीनों के मिलने से स्कूली शिक्षा का संपूर्ण वातावरण निर्मित होता है,जिसके सकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति का उचित विकास होता है।ऐसी संस्थाएँ व्यक्ति को सदैव नवीन ज्ञान ग्रहण कराता है,उसकी मानसिक क्षमता का पूरा विकास होता है।व्यक्ति समाज व संस्कृति के बारे में ज्ञान अर्जित करने के पश्चात अपने व्यक्तित्व में बहुत अच्छा निखार लाता है।
3.राजनीतिक संस्थाएंँ- राजनीतिक संस्थाएंँ व्यक्ति को शासन,कानून,अनुशासन आदि सिखाती हैं।ये व्यक्ति को उसके कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति पूरी तरह से जागरूक करती हैं।ये संस्थाएंँ समाज की दिशा का उचित ज्ञान कराती हैं,जिसके द्वारा व्यक्ति समाज में अपना समाजीकरण करके सही मार्ग की ओर जाता है।
4.धार्मिक संस्थाएंँ- व्यक्ति के जीवन पर धर्म का गहरा प्रभाव पड़ता है।ये संस्थाएँ हमें ईश्वर के बोध से अवगत कराती हैं।व्यक्ति में पवित्रता,न्याय, सच्चरित्रता,कर्तव्य परायणता, ईमानदारी,दया आदि गुणों को विकसित करने हेतु धर्म अपना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।धार्मिक संस्थाएंँ सिखाती हैं कि मंदिर या पवित्र स्थानों पर किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए।अतः इस प्रकार ये संस्थाएंँ भी व्यक्ति को धार्मिक शास्त्रों से परिचित कराती हैं।
5.आर्थिक संस्थाएंँ-आर्थिक संस्थाएंँ भी व्यक्ति को जीवन यापन के लिए सक्षम बनाती हैं।ये संस्थाएंँ व्यक्ति को विभिन्न व्यावसायिक संघों से परिचित कराती हैं।प्रत्येक व्यक्ति में सहयोग,प्रतिस्पर्धा एवं समायोजन की भावना उत्पन्न कराती हैं।
6.सांस्कृतिक संस्थाएँ-सांस्कृतिक संस्थाओं के माध्यम से व्यक्ति समाज की संस्कृति से पूरी तरह परिचित होता है।नगरों और महानगरों में कवि सम्मेलन,नाटक,गोष्ठी,आदि के आयोजनों द्वारा व्यक्ति को उस समाज की संस्कृति से अवगत कराया जाता है।इनके द्वाराव्यक्तिअपनी प्रथाओं,परंपराओं,वेशभूषा,साहित्य,कला,भाषा आदि से परिचित होता है और ये संस्थाएंँ उसके व्यक्तित्व के विकास में लाभप्रद सिद्ध होती हैं।

The following are the types of social institutions-
1.Family-Family is the basic of society.Society is formed by the family. Without family the existence of both man and society is incomplete.We all live in family.Family is an institution that is found in all countries.Family is a universal institution which is made up of married woman, man and children.On this institution depends the existence of society.Family husband There is a biological social unit of the wife and their children.The family is the main institution of the society. This institution is an organization recognized by the society, which fulfills certain human needs.
2.Educational Institutions- Such institutions make us functional members of the society.And this is socialization.The main three sources of socialization in educational institutions have been considered- Gurujan, classmates, books. Due to the meeting of these three, the whole environment of school education is created, due to which the positive effect of proper development of the person takes place.Such institutions always make the person acquire new knowledge, his mental capacity is fully developed.After acquiring knowledge about the society and culture, brings great improvement in his personality.
3.Political Institutions- Political institutions teach governance, law, discipline etc. to the individual.They make the person fully aware of his duties and rights.These institutions are the direction of society. Provides proper knowledge, by which a person socializes himself in the society and goes towards the right path.
4.Religious Institutions-Religion has a profound effect on the life of a person.These institutions make us aware of realization of God. Religions play an important role in developing the qualities of virtuous character, devotion to duty, honesty, kindness etc. Religious institutions teach how to behave in temples or holy places. Institutions also introduce the person to religious scriptures.
5.Economic Institutions-Economic institutions also enable a person to make a living.These institutions introduce the individual to various business associations. and generates a sense of adjustment.
6.Cultural Institutions-Through cultural institutions, a person is fully acquainted with the culture of the society.In cities and metros, by organizing poetic conferences, plays, seminars, etc., the person gets to know about the culture of that society.Through these, a person is acquainted with his customs, traditions, costume, literature, art, language etc. and these institutions prove beneficial in the development of his personality.

संस्थाओं के अलावा व्यक्ति व्यवसाय समूह द्वारा भी सीखता है।किसी अजनबी व्यक्ति के संपर्क में आने पर भी उससे विशिष्ट प्रकार के व्यवहार करने की अपेक्षा की जाती है।इस प्रकार प्राथमिक व द्वितीयक संस्थाओं के माध्यम से व्यक्ति का समाज में समाजीकरण होता है,जो आजन्म चलता रहता है।

In addition to institutions, a person learns through a business group.In this way, through primary and secondary institutions, the individual is socialized in the society, which continues throughout life.

I hope the above information will be useful and important.
(आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।)
Thank you.
R F Temre
edudurga.com

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