'अंतरिक्ष युग की शुरुआत 'रूस देश से प्रारंभ हुई। 4 अक्टूबर, 1957 को रूस देश ने अपना पहला उपग्रह स्पूतनिक -1 अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक भेजा था। रूस की इसी सफलता के बाद से ही अंतरिक्ष युग माना जाने लगा। इसकी प्रथम सफलता के बाद 3 नवंबर ,1957 को द्वितीय उपग्रह स्पूतनिक- 2 को अंतरिक्ष में पुनः छोड़ा गया जिसमें एक कुत्तिया ' लायका 'को भेजा गया था। इसी सफल अध्ययन के पश्चात मालूम पड़ा कि मानव का जीवन भी अंतरिक्ष में संभव हो सकता है।
1 फरवरी ,1958 को अमेरिका ने भी अपना प्रथम उपग्रह एक्सप्लोरर -1 छोड़ा। इस तरह रूस देश के स्पूतनिक और अमेरिका के एक्सप्लोरर उपग्रह से अंतरिक्ष अभियान का दौर प्रारंभ हो गया।
रूस देश ने स्पूतनिक-1 के बाद मानव युक्त प्रथम उपग्रह वोस्तोक-1 ने 12 अप्रैल ,1961 को पृथ्वी की एक परिक्रमा करने के लिए उड़ान भरी। इसी यान के सम्मानीय कर्नल यूरी गागरिन ने सर्वप्रथम पृथ्वी की सफलतापूर्वक परिक्रमा की और उन्होंने अंतरिक्ष से ही पृथ्वी और आकाश को देखा।
रूस की ही लेफ्टिनेंट कर्नल वेलेंन्तिना तेरेशकोवा अंतरिक्ष में पहुंचे जाने वाली प्रथम महिला थीं। तेरेशकोवा 16 जून, 1973 में वोस्तोक 6 से 2 दिन 22 घंटे 42 मिनट में पृथ्वी की 48 परिक्रमाएँ पूरी की।
एडवर्ड व्हाइट अंतरिक्ष में चलने वाले सर्वप्रथम व्यक्ति रहे। इन्होंने 3 जून ,1965 को अमेरिका के जैमिनी 4 में अंतरिक्ष यात्रा से बाहर निकल कर 21 मिनट तक अंतरिक्ष में निरंतर तैरते रहे।
सन् 1965 में दो व्यक्तियों वाले जैमिनी की उड़ान से एक विशेष श्रृंखला की शुरुआत की गई। इसी कार्यक्रम के अंतरिक्ष यात्रियों के समूह ने चंद्रमा पर भेजे जाने वाले अपोलो अभियान हेतु जोखिम भरे कलाबाजियों , डाकिंग, जैसी और भी प्रक्रियाओं और अंतरिक्ष में चलने का पूर्ण अभ्यास किया एवं सफलता प्राप्त की।
आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
Thank you.
R. F. Tembhre
(Teacher)
edudurga.com
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