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यदि आप पीठासीन अधिकारी हैं तो ये जानकारियाँ आपके लिए हैं अति महत्वपूर्ण || Responsibilities of Presiding Officer

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(i) समस्त प्रशिक्षणों में उपस्थिति― पीठासीन अधिकारी का दायित्व सबसे महत्वपूर्ण होता है। मतदान कराने हेतु सबसे मुख्य और दायित्ववान अधिकारी होता है। अतः पीठासीन अधिकारी को समस्त प्रशिक्षण में उपस्थित रहकर सभी बातों को अच्छी तरह से समझना चाहिए। किसी भी प्रशिक्षण कक्षाओं में अनुपस्थित न रहना।

(ii) महत्वपूर्ण निर्देशों को अपने पास रखना― सफल निर्वाचन करने एवं कार्यों को निर्विघ्न संपन्न करने हेतु पीठासीन अधिकारी को आयोग के सभी महत्वपूर्ण निर्देशों को अपने पास रखना चाहिए।

(iii) नवीनतम नियमों एवं प्रक्रियाओं से परिचित होना― प्रत्येक निर्वाचन में कुछ न कुछ संशोधन अवश्य ही हो जाते हैं ऐसी स्थिति में महत्वपूर्ण जानकारी के साथ-साथ पीठासीन अधिकारी को EVM, VVPAT के साथ सम्पन्न होने वाले निर्वाचन के नवीनतम नियमों एवं प्रक्रियाओं से परिचित होना चाहिए।

(iv) EVM व VVPAT के बटन तथा स्विचस् की जानकारी― EVM सहित VVPAT के संचालन की सम्पूर्ण जानकारी से अपने पीठासीन अधिकारी को पूर्ण रूप से परिचित होना चाहिए एवं उनमें दिये बटन तथा स्विचस् की भी सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए।

(v) निर्वाचन से संबंधित समस्त सामग्री की प्राप्ति― निर्वाचन सामग्री प्राप्त करते वक्त यह सुनिश्चित करें कि आपको समस्त सामग्री अनुलग्नक - 3 में दी गई सूची के अनुसार प्राप्त हो गई है।

(vi) मतदान अधिकारियों की व्यवस्था एवं मतदान की गुप्तता― पीठासीन अधिकारी को विशिष्ट निर्देशानुसार मतदान केन्द्र की स्थापना करनी होती है। BU और VVPAT को मतदान प्रकोष्ठ में उनके स्थान पर रखना है। पीठासीन अधिकारी को मतदान अधिकारियों की व्यवस्था को बनाने के लिए विशिष्ट रूप से यह ध्यान रखना होगा कि मतदान की गुप्तता को सुरक्षित रखना, मतदाताओं की पंक्ति की निरन्तरता को बनाये रखना, बाहरी अवरोधों से चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित रखने में स्वतन्त्र होना इत्यादि आपको अपने आवंटित मतदान केन्द्र पर पहुँचकर यह सुनिश्चित करना है कि आपको अपने आवंटित मतदान केन्द्र के लिए CAPF केन्द्रीय सशस्त्र सुरक्षा बल (CAPF) या पुलिस व्यवस्था प्रदान की गई है या नहीं। यदि आपको माइक्रो आब्जर्वर एवं डिजिटल कैमरा / Web Casting सुविधा दी गई है तो आपको इसकी जानकारी भी होनी चाहिए।

(vii) मशीनों के व्यवस्थापन में सतर्कता― पीठासीन अधिकारी को यह ध्यान रखना आवश्यक है कि किसी भी दशा में बैलेट युनिट्स, कन्ट्रोल यूनिट्स या वीवीपैट फर्श पर न रखी जावें। उनको मेज पर रखना चाहिए। बैलेट ईकाई और वीवीपैट को उनकी नियत कंट्रोल ईकाई से जोड़ना चाहिए।

(viii) मतदान की पारदर्शिता― उम्मीदवार / अभिकर्ता के समक्ष मतदान शुरू होने से पूर्व नियत समय पर वोटिंग मशीन का प्रदर्शन करें ताकि यह स्पष्ट हो कि वोटिंग मशीन में कोई मत नहीं डाले गये हैं।

(ix) मॉकपोल आयोजन में सतर्कता― मतदान की पारदर्शिता सुनिश्चत करने के लिए मतदान अभिकर्ताओं के लिए मॉकपोल आयोजित करें जिससे VVPAT के साथ EVM सही काम करने की स्थिति में है, स्पष्ट हो जावेगा। इससे मतदान अभिकर्ताओं को प्रत्येक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के लिए ऐच्छिक रूप से कुछ वोट रिकार्ड करने की अनुमति मिल सके। CU परिणाम और VVPAT में पेपर पर्चियों की गिनती का मिलान करें। आयोग की नीवनतम गाइडलाइन के अनुसार मॉकपोल में कम से कम 50 वोट डाले जायेंगे और नोटा सहित प्रत्येक उम्मीदवार के खिलाफ कम से कम एक वोट डाला जायेगा।

(x) मॉकपोल के पश्चात का कार्य― मॉकपोल के परिणाम को कन्ट्रोल यूनिट से हटा दें एवं VVPAT ड्रापबाक्स से मॉकपोल पर्चियां हटा दें। मॉकपोल का प्रमाणपत्र तैयार करें। (अनुलग्न 5 के भाग 1 में दर्शाए अनुसार)

(xi) यदि मॉकपोल को नहीं हुआ तो― यह स्पष्ट जान लें कि आयोग के निर्देशानुसार यदि मतदान केंद्र में मॉकपोल नहीं हुआ है तो उस मतदान केन्द्र में मतदान भी नहीं होगा।

(xii) मतों के रिकार्ड मशीन से हटाना― याद रखना चाहिए कि इस प्रकार के मॉकपोल में मतों का रिकार्ड है तो उसे वोटिंग मशीन की कन्ट्रोल यूनिट से हटा लेना चाहिए जिससे मॉकपोल से संबंधित डाटा मशीन की मेमोरी में न रहे एवं पेपर स्लिप VVPAT ड्रॉपबॉक्स से हटा लेनी चाहिए जिससे मॉकपोल के पश्चात VVPAT का ड्रॉपबॉक्स खाली रहे।

(xiii) फार्म 17A (मतदाता रजिस्टर) में पीठासीन का अंकन― प्रथम मतदाता जब फार्म 17A (वोटर्स रजिस्टर) हस्ताक्षर करता है तो उससे पूर्व मतदान अधिकारी-1 पीठासीन अधिकारी के साथ मिलकर जाँच करेगा और स्याही से फार्म 17A में रिकार्ड के रूप में लिखेगा कि कन्ट्रोल यूनिट की पूर्णता से जाँच कर ली गयी है और जीरो (Zero) पाया गया है।

(xiv) पेपर सील पर अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर― पीठासीन अधिकारी सुनिश्चित करें कि विधानसभा चुनाव के लिए नियंत्रण इकाई में फिक्स हरे कागज की सील पर केवल विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार या उनके मतदान ऐजेंट, जो उस समय मतदान केन्द्र पर उपस्थित हो, अपने हस्ताक्षर करें।

(xv) चिन्हित प्रति की जानकारी का प्रदर्शन― मतदान अभिकर्ता तथा अन्य उपस्थित व्यक्तियों को यह प्रदर्शित करें कि मतदाता सूची की चिन्हित प्रति (मतदान करने की अनुमति देने वाले मतदाताओं के नाम चिन्हित करने के लिए उपयोग की जाने वाली मतदाता सूची की प्रति) में उनके अलावा कोई टिप्पणी नहीं है, इसका उपयोग डाकमत पत्र जारी करने के लिए किया जाता है।

(xvi) वोटिंग कम्पार्टमेंट्स की व्यवस्था― देखें कि वोटिंग कम्पार्टमेंट्स को ठीक से व्यवस्थित किया गया है और बाहर उचित पोस्टर्स चिपकाये गये हैं ताकि यह स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सके कि किस चुनाव से सम्बंधित बैलेट यूनिट एवं वीवीपैट अन्दर रखी हुई है।

(xvii) मशीनों के कनेक्शन में सावधानी― सुनिश्चित करें कि मतपत्र इकाईयों और वीवीपैट्स को उनसे संबंधित नियंत्रण इकाईयों से जोड़ने के लिए केबल (cable) इस तरह लगाये गए हैं कि वह प्रत्येक को दिखाई दें, साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि मतदाताओं को मतदान केन्द्र के अन्दर अपनी गतिविधियों के दौरान उन्हें पार (cross) करने की आवश्यकता नहीं है और कनेक्टिंग केबल की पूरी लम्बाई सभी को दिखाई दे रही है और छिपी नहीं है। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वोटिंग कम्पार्टमेंट के नीचे केबल ढीली न लटके बैलेट यूनिट एवं वीवीपैट के कनैक्टिंग तारों को टेबल के नीचे आधा इन्च चौड़ाई में पारदर्शी चिपकने वाला टेप से इस तरह से टेप करें कि केबल हवा में न लटके जिससे कि केबल का भार बैलेट यूनिट और वीवीपैट के कनेक्टिंग स्विच पर न पड़े।

(xviii) मतदान अधिकारियों का नियत स्थान पर बैठना― यह भी सुनिश्चित करें कि मतदान दल के सदस्य मतदान शुरू होने से पूर्व नियत स्थान पर बैठे तथा आवश्यक सामग्री एवं रिकार्ड को मतदान के सही समय पर शुरू करने के लिए तैयार रखें।

(xix) अभिकर्ताओं का नियत स्थान पर बैठना― मतदान दल के किसी भी सदस्य या मतदान अभिकर्ता को मतदान केन्द्र में इधर-उधर न घूमनें दें तथा वे नियत स्थान पर ही बैठें।

(xx) निर्धारित समय पर वास्तविक मतदान का प्रारंभ― मतदान शुरू होने के लिए निर्धारित समय पर वास्तविक मतदान करें। मतदान शुरू करने से पहले मतदान केन्द्र में उपस्थित उम्मीदवारों एवं उनके अभिकर्ताओं एवं पोलिंग अधिकारियों को वोट की गोपनीयता बनाये रखने के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 128 के अनुसार प्रावधानों को पढ़ना चाहिए एवं ध्यान में लाना चाहिए।

(xxi) घोषणाओं का क्रियान्वयन― मतदान केन्द्र में उपस्थित सभी व्यक्तियों के सामने घोषणा को जोर से पढ़ें और घोषणा पर हस्ताक्षर करें तथा उपस्थित मतदान अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर प्राप्त करें यदि कोई मतदान अभिकर्ता अपने हस्ताक्षर करने से इंकार करता है तो पीठासीन अधिकारी को ऐसे मतदान अभिकर्ता के नाम बिना घोषणा के दर्ज करने चाहिए तथा वोटिंग मशीन के प्रदर्शन, मतदाता सूची की चिन्हित प्रति और रजिस्टर के बारे में एक निर्धारित प्रपत्र में घोषणा करनी चाहिए। मतदाता, उम्मीदवारों और उनके ऐजेंट्स के हस्ताक्षर प्राप्त करें। (अनुलग्नक - 6 के अनुसार)

(xxii) मतदाताओं की गतिविधियों पर निगरानी― मतदान के दौरान मतदाताओं की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें एवं सतर्क रहें तथा ध्यान रखें कि कोई वोटर बिना मतदान किये न जावे। पीठासीन अधिकारी की डायरी में इस प्रकार की होने वाली घटनाओं को रिकार्ड में लेना चाहिए। (अनुलग्नक - 7 में दर्शाये अनुसार)

(xxiii) मतदान के दरम्यान सतर्कता― यह सुनिश्चत करें कि मतदान प्रारम्भ के प्रथम एक घण्टे में सामान्यतः मतदान कार्य अधिक होता है तब कोई भी मतदान दल का सदस्य अपने निर्धारित कार्य में कोताही न बरतें।

(xxiv) कन्ट्रोल यूनिट में डाले वोटों की जाँच― कन्ट्रोल यूनिट से समय-समय पर डाले वोटों की जाँच करें और सुनिश्चत करें कि मतदाताओं ने अपनी मतदाता पर्ची पर दिये गये क्रमांक के अनुसार वोट दिये हैं।

(xxv) प्रारूप 17C ― यह सुनिश्चत करें कि समानांतर चुनाव होने पर लोकसभा चुनाव हेतु प्रारूप 17C की प्रति लोकसभा के उम्मीदवार के मतदान अभिकर्ता को प्रदान की गई है तथा विधान सभा चुनाव हेतु प्रारूप 17C (अनुलग्नक - 8) की प्रति विधान सभा क्षेत्र के उम्मीदवार के मतदान अभिकर्ता को प्रदान की गई है।

(xxvi) बैलेट यूनिट और वीवीपैट की जाँच― यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल पर बैलेट यूनिट और वीवीपैट की जाँच करें कि मतदाताओं ने इसके साथ किसी तरह से छेड़छाड़ तो नहीं की है। आपको ऐसे मामले में चुनाव संचालन नियम 1961 के नियम 49 Q के तहत वोटिंग कम्पार्टमेंट में प्रवेश करने और ऐसे कदम उठाने का अधिकार है जिससे आप यह सुनिश्चत कर सकते हैं कि मतपत्र इकाई के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ या हस्तक्षेप नहीं किया गया है और जिसमे मतदान सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़े। हाँलाकि, यह सावधानी रखें कि जब आप वोटिंग कम्पार्टमेंट में प्रवेश करें तो अकेले प्रवेश न करें आपको मतदान केन्द्र पर उपस्थित एक या दो या अधिक मतदान अभिकर्ताओं को अपने साथ ले जाने की अनुमति देनी चाहिए।

(xxvii) पीठासीन अधिकारी का दृढ़ एवं निष्पक्ष होना― मतदान के शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संचालन के लिए मतदान केन्द्र में कार्यवाही को विनियमित करने के लिए बहुत अधिक कुशलता की आवश्यकता होती है, लेकिन इसके साथ ही आपको दृढ़ एवं निष्पक्ष भी रहना चाहिए। यदि मतदान केन्द्र पर कोई घटना होती है और आपके द्वारा रिपोर्ट नहीं की जाती हैं, लेकिन किसी अन्य स्त्रोत से रिपोर्ट की जाती हैं, तो आयोग इसे गंभीरता से ले सकता है और आपके खिलाफ कार्यवाही शुरू कर सकता है।

(xxvii) निर्धारित समय पर मतदान बंद करना― चुनाव आयोग द्वारा इस उद्देश्य के लिए निर्धारित समय पर मतदान बंद करें, भले ही किसी भी कारण से मतदान शुरू होने में देरी हुई हो। हालांकि, मतदान के समापन समय पर मतदान केन्द्र पर उपस्थित मतदाताओं को मतदान करने की अनुमति दी जावेगी, भले ही इसका मतलब कुछ और समय तक मतदान जारी रहेगा। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मतदान समाप्ति समय के बाद कोई भी मतदाता पंक्ति में न लगे। इस प्रयोजन के लिए आपको पंक्ति में खड़े सभी मतदाताओं को अपने द्वारा हस्ताक्षरित क्रमांकित पर्चियाँ वितरित करनी चाहिए। इस तरह से पर्चियों का वितरण कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति से शुरू करना चाहिए। जब सभी मतदाता अपना वोट डाल दें और कोई भी न बचें तो मतदान अधिकारी अंतिम चिन्ह दर्ज करने के बाद वहाँ तारीख और समय बताते हुए एक लाल रेखा लगाएगा। कतार में खड़े सभी मतदाताओं के वोट डालने के बाद कंट्रोल यूनिट को बंद बटन दबाकर close करें। आपको मतदान समाप्ति समय से 15 मिनट पहले मतदान समाप्ति समय के बारे में जोर-जोर से घोषणा करनी चाहिए।

(xxix) वोटों का खाता तैयार करना― सुनिश्चित करें कि मतदान समाप्ति होने पर आपको फार्म 17C (अनुलग्नक 8) के भाग एक में रिकार्ड किये गये वोटों का खाता तैयार करना होगा और उस फार्म में इस उद्देश्य के लिए निर्दिष्ट कॉलम में मतदान अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर प्राप्त करने होंगे दर्ज किये गये वोटों के ऐसे खाते की प्रमाणित प्रतियाँ मतदान केन्द्र पर उपस्थित प्रत्येक उम्मीदवार के मतदान ऐजेन्ट को दी जानी आवश्यक है। आपको आयोग द्वारा निर्धारित प्रपत्र में उम्मीदवारों के अभिकर्ताओं को ऐसी प्रतियाँ प्रस्तुत करने के संबंध में एक घोषणा भी करनी होगी।

(xxx) प्रासंगिक निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन― मतदान समाप्ति के बाद VVPAT वाली वोटिंग मशीन और सभी चुनाव पत्रों को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित तरीके से सील और सुरक्षित किया जाना चाहिए। मतदान केन्द्र पर उपस्थित उम्मीदवारों या उनके ऐजेन्टों को यदि वे चाहें तो आपकी मुहर के अलावा, वोटिंग मशीन और VVPAT और चुनाव पत्रों पर अपनी मुहर लगाने की अनुमति दी जावेगी। आपको वोटिंग मशीन और वीवीपैट और चुनाव पत्रों की सीलिंग और सुरक्षा के बारे में प्रासंगिक निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करना चाहिए ताकि कोई गलती न हो।

(xxxi) वोटिंग मशीन, वीवीपेट तथा सभी चुनाव संबंधित कागजात सौंपना― यह आपकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है कि आप विधिवत् सीलबद्ध और सुरक्षित वोटिंग मशीन, वीवीपेट तथा सभी चुनाव संबंधित कागजात उसके संग्रह के लिये जिम्मेदार अधिकारी को उचित रसीद के साथ सौंप दें।

(xxxii) चरणों में पीठासीन अधिकारी के कर्तव्य― आपके संदर्भ और सुविधा के लिये विभिन्न चरणों में आपके कर्तव्य संक्षेप में पाँच अलग-अलग शीर्षकों के तहत अनुबंध-9 में दिये गये हैं।

(xxxiii) वैधानिक आवश्यकताओं को पूर्ती― चेक मेमो यह सुनिश्चित करने के लिये कि अपने चुनाव के संबंध में विभिन्न वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा किया है, चुनाव आयोग ने आपके लिये एक चेक मेमो तैयार किया है, जो अनुबंध - 10 में दिया है। उक्त चेक मेमों का आपके द्वारा समुचित रख-रखाव किया। जाना चाहिए।

जानकारी का स्रोत― निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु जारी पीपीटी एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज।

निर्वाचन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी की लिंक्स👇
1. निर्वाचन संबंधित शब्दसंक्षेप उनके पूर्ण नाम एवं हिन्दी में अर्थ
2. डाक मतपत्र क्या है? डाक मतपत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया
3. मतदान सामग्री जिन पर विशेष ध्यान देना चाहिए
4. मॉक पोल के चरण या सही क्रम
5. VVPAT पेपर पर्ची पर त्रुटिपूर्ण मुद्रण (प्रिंट) की दशा के में शिकायत
6. निर्वाचन संबंधित विशेष परिस्थितियाँ एवं उनका समाधान कैसे करें?
7. विधानसभा निर्वाचन 2023 में हुए बदलाव की जानकारी
8. मतदाताओं के सवाल और हमारे यथोचित जवाब।
9. P1, P2 और P3 के मुख्य कार्य

I hope the above information will be useful and important.
(आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।)
Thank you.
R F Temre
edudurga.com

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