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इतिहास के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (सामाजिक विज्ञान कक्षा - 8) || History Long Answer Type Questions (Social Science) Annual Exams 2023

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प्रश्न 1. जेम्स मिल द्वारा अपनी किताब में मुख्य रूप से किन बातों को उल्लेखित किया है?
उत्तर – जेम्स मिल ने अपनी किताब 'ए हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया' में भारत के इतिहास को हिन्दू, मुस्लिम व ब्रिटिश काल में विभाजित किया है। साथ ही उसका मानना था कि अंग्रेजों को सारे भू-भाग पर कब्जा कर लेना चाहिए, ताकि भारतीय जनता को ज्ञान और सुखी जीवन प्रदान किया जा सके।

प्रश्न 2. औपनिवेशक शासन के दौरान सर्वेक्षण के क्या उद्देश्य थे?
उत्तर – औपनिवेशक शासन के दौरान सर्वेक्षण के निम्न उद्देश्य थे- भारत पर अच्छे से शासन करने के लिए वहाँ धरती की सतह, मिट्टी की गुणवत्ता, वहाँ मिलने वाले पेड़-पौधे, स्थानीय इतिहास तथा वहाँ की फसलों का ज्ञान होना आवश्यक है।

प्रश्न 3. यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियों में प्रतिस्पर्धा के क्या कारण थे?
उत्तर – यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियों के मध्य प्रतिस्पर्धा के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे –
(1) भारत में व्यापार क्षेत्र का - विस्तार करने के लिए।
(2) भारत में व्यापार क्षेत्र पर अपना एकाधिकार करने के लिए।
(3) भारत में व्यापार द्वारा अधिक से अधिक मुनाफा अर्जित करने के लिए।
(4) भारत में राजनीतिक प्रभुत्व की स्थापना के लिए।
(5) भारत में अधिक से अधिक व्यापारिक कोठियाँ स्थापित करने के लिए।

प्रश्न 4. लार्ड डलहौजी की विलय नीति क्या थी तथा इस नीति से किन-किन भारतीय राज्यों को अपने नियंत्रण में लिया गया था?
उत्तर – लार्ड डलहौजी की विलय नीति- भारतीय राज्यों को प्रत्यक्ष रूप से कम्पनी के अधीन करने के लिए गवर्नर जनरल लार्ड डलहौजी ने विलय नीति (हड़प नीति) का अनुसरण किया। सर्वप्रथम उसने भारतीय राजाओं द्वारा दत्तक पुत्र लेने की प्रथा पर रोक लगा दी, जो शासक बिना पुत्र के मर गए, उनके राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य का अंग बना लिया गया। ऐसे राज्यों में झाँसी, नागपुर और सतारा प्रमुख थे। मैसूर और पंजाब के विस्तृत राज्यों को युद्ध द्वारा ब्रिटिश शासन का अंग बना लिया गया। 1856 ई. में अवध के नवाब पर कुशासन का आरोप लगाकर अवध को ब्रिटिश शासन का अंग बना लिया गया। इस प्रकार लार्ड डलहौजी ने भारतीय राज्यों को विभिन्न कारणों से हड़पकर ब्रिटिश कम्पनी के अधीन करने हेतु विलय नीति का अनुसरण किया।

प्रश्न 5. नील के व्यापार बढ़ाने के लिए अफसर और व्यावसायिक एजेंट किस प्रकार कार्य करने लगे?
उत्तर – जैसे-जैसे नील का व्यापार फैला, कम्पनी के अफसर और व्यावसायिक एजेंट नील के उत्पादन में पैसा लगाने लगे। समय बीतने के साथ कम्पनी के बहुत सारे अधिकारियों ने नील के अपने कारोबार पर ध्यान देने के लिए अपनी नौकरियाँ छोड़ दीं। भारी मुनाफे की उम्मीद में स्कॉटलैण्ड और इंग्लैण्ड के बहुत सारे लोग भारत आए और उन्होंने नील के बागान लगा लिए, जिनके पास नील की पैदावार के लिए पैसा नहीं था उन्हें कम्पनी और नए-नए बैंक कर्जा देने को तैयार रहते थे।

प्रश्न 6. झूम खेती की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर – झूम खेती घुमन्तू खेती को कहा जाता है। इस तरह की खेती अधिकांशतः जंगलों में छोटे-छोटे भूखण्डों पर की जाती थी। ये लोग जमीन तक धूप लाने के लिए पेड़ों के ऊपरी हिस्से काट देते थे और जमीन पर उगी घास-फूस जलाकर साफ कर देते थे। इसके बाद में घास-फूस के जलने पर पैदा हुई राख को खाली जमीन पर छिड़क देते थे। इस राख में पोटाश होती थी, जिससे मिट्टी उपजाऊ हो जाती थी।

प्रश्न 7. आदिवासी, महाजनों और व्यापारियों को अपनी मुसीबतों का जिम्मदार क्यों मानते थे?
उत्तर – जो चीजें आसपास पैदा नहीं होती थी, उन्हें हासिल करने के लिए आदिवासियों को खरीद-फरोख्त भी करनी पड़ती थी। इसकी वजह से वे कभी-कभी व्यापारियों और महाजनों पर आश्रित हो जाते थे। व्यापारी बेचने की चीजें लेकर आते थे और भारी कीमत पर चीजें बेचते थे। सूदखोर महाजन भी आदिवासियों को कर्जा तो देते थे, लेकिन उसका ब्याज बहुत ज्यादा होता था। इस तरह बाजार और वाणिज्य ने आदिवासियों को कर्ज और गरीबी में धकेल दिया था। लिहाजा वे महाजनों और व्यापारियों को बाहरी शैतान और अपनी सारी मुसीबतों की जड़ मानने लगे थे।

प्रश्न 8. बिरसा आंदोलन के महत्वपूर्ण परिणाम क्या थे?
उत्तर – बिरसा आंदोलन के महत्वपूर्ण परिणाम- पहला- इसने औपनिवेशिक सरकार को ऐसे कानून लागू करने के लिए, मजबूर किया, जिनके जरिए दीकु लोग आदिवासियों की जमीन पर आसानी से कब्जा न कर सकें। दूसरा- इसने एक बार फिर जता दिया कि अन्याय का विरोध करने और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध अपने गुस्से को अभिव्यक्त करने में आदिवासी सक्षम हैं। उन्होंने अपने खास अंदाज में अपनी खास रस्मों और संघर्ष के प्रतीकों के जरिए इस काम को अंजाम दिया।

प्रश्न 9. 1857 विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने अपनी नीतियों में क्या बदलाव किए लिखिए।
उत्तर – अंग्रेजों ने जो अहम् बदलाव किए वे निम्नलिखित हैं –
(1) ब्रिटिश संसद ने 1858 में एक नया कानून पारित किया और ईस्ट इण्डिया कम्पनी के सारे अधिकार ब्रिटिश साम्राज्य के हाथ में सौंप दिए, ताकि भारतीय मामलों को ज्यादा बेहतर ढंग से सँभाला जा सके।
(2) देश के सभी शासकों को भरोसा दिया गया कि भविष्य में कभी भी उनके भूक्षेत्र पर कब्जा नहीं किया जाएगा। उन्हें अपनी रियासत अपने वंशजों, यहाँ तक कि दत्तक पुत्रों को सौंपने की छूट दे दी गई। अंग्रेजों ने फैसला किया कि वे भारत के लोगों के धर्म और सामाजिक रीति-रिवाजों का सम्मान करेंगे।

प्रश्न 10. अंग्रेजी भाषा सिखाने की जरूरत पर मैकॉले ने जोर क्यों दिया?
उत्तर – मैकाले के मिनट्स (विवरण) के आधार पर 1835 का अंग्रेजी का शिक्षा अधिनियम पारित किया। ये फैसला भी लिया गया कि अंग्रेजी को उच्च शिक्षा का माध्यम बनाया जाए और कलकत्ता, मदरसे तथा बनारस संस्कृत कॉलेज जैसे प्राच्यवादी संस्थानो को प्रोत्साहन न दिया जाए। इन संस्थानों को "अपने आप क्षरण का शिकार होते जा रहे अंधकार के मंदिरों" की संज्ञा दी गई। अब स्कूलों के लिए भी अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकें छपने लगीं।

प्रश्न 11. उन्नीसवीं सदी के मध्य में जब लड़कियों के लिए स्कूल खुले तो लोगों के मन में क्या डर था?
उत्तर – उन्नीसवीं सदी के मध्य में जब इस तरह के प्रारम्भिक स्कूल खुले तो बहुत सारे लोग उनसे डरते थे। लोगों को भय था कि स्कूल वाले लड़कियों को घर से निकाल ले जाएँगे और उन्हें घरेलू कामकाज नहीं करने देंगे। स्कूल जाने के लिए, लड़कियो को सार्वजनिक स्थानों से गुजर कर जाना पड़ता था। बहुत सारे लोगों को लगता था कि इससे लड़कियाँ बिगड़ जाएँगी।

प्रश्न 12. बाल विवाह निषेध अधिनियम कब पारित किया गया था?
उत्तर – 1929 में बाल विवाह निषेध अधिनियम पारित किया गया। इस कानून के बारे में वैसी कड़वी बहसें और संघर्ष नहीं हुए। जैसे पुराने सुधारवादी कानूनों के बारे में हुए थे। इस कानून के अनुसार 18 साल से कम उम्र के लड़के और 16 साल से कम उम्र की लड़की की शादी नहीं की जा सकती। बाद में यह उम्र बढ़ाकर क्रमश: 21 साल व 18 साल कर दी गई।

प्रश्न 13. 'इल्बर्ट बिल' सरकार ने क्यों वापिस लिया था?
उत्तर – 1883 में सरकार ने इल्बर्ट बिल लागू करने का प्रयास किया। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ। इस विधेयक में प्रावधान किया गया था कि भारतीय न्यायाधीश भी ब्रिटिश या यूरोपीय व्यक्तियों द्वारा मुकदमे चला सकते हैं, ताकि भारत में काम करने वाले अंग्रेज और भारतीय न्यायाधीशों के बीच समानता स्थापित की जा सके। अंग्रेजों के विरोध की वजह से सरकार ने यह विधेयक वापस ले लिया।

प्रश्न 14. रॉलट कानून का विरोध भारतीयों ने क्यों किया?
उत्तर – यह कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मूलभूत अधिकारों पर अंकुश लगाने और पुलिस को और ज्यादा अधिकार देने के लिए लागू किया गया था। महात्मा गाँधी, मोहम्मद अली जिन्ना तथा अन्य नेताओं का मानना था कि सरकार के पास लोगों की बुनियादी स्वतंत्रताओं पर अंकुश लगाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने इस कानून को 'शैतान की करतूत' और निरंकुशवादी बताया।

प्रश्न 15. बंगाल विभाजन क्यों किया गया एवं इसके क्या परिणाम हुए?
उत्तर – बंगाल के विभाजन से देश भर में गुस्से की लहर फैल गई। मध्यमार्गी और आमूल परिवर्तनवादी, कांग्रेस के सभी धड़ों ने इसका विरोध किया। विशाल जनसभाओं का आयोजन किया गया और जुलूस निकाले गए। जनप्रतिरोध के नए-नए रास्ते ढूँढे गए। इससे जो संघर्ष उपजा, उसे स्वदेशी आंदोलन के नाम से जाना जाता है। यह आंदोलन बंगाल में सबसे ताकतवर था, परन्तु अन्य इलाकों में भी इसकी भारी अनुगूँज सुनाई दी।

कक्षा 8 वार्षिक परीक्षा सत्र 2022-23 प्रश्न पत्र (हल सहित)
1. [1] मॉडल प्रश्नपत्र विषय सामाजिक विज्ञान (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
2. [2] मॉडल प्रश्नपत्र विषय सामाजिक विज्ञान (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
3. [3] मॉडल प्रश्नपत्र विषय सामाजिक विज्ञान (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
4. [4] मॉडल प्रश्नपत्र विषय सामाजिक विज्ञान (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023

कक्षा 8 वार्षिक परीक्षा सत्र 2022-23 प्रश्न पत्र (हल सहित)
1. [1] मॉडल प्रश्नपत्र विषय संस्कृत (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
2. [1] मॉडल प्रश्नपत्र विषय हिन्दी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
3. [2] मॉडल प्रश्नपत्र विषय हिन्दी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
4. [3] मॉडल प्रश्नपत्र विषय हिन्दी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
5. [4] मॉडल प्रश्नपत्र विषय हिन्दी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
6. [5] मॉडल प्रश्नपत्र विषय हिन्दी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
7. [6] मॉडल प्रश्नपत्र विषय हिन्दी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
8. [1] मॉडल प्रश्नपत्र विषय अंग्रेजी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
9. [2] मॉडल प्रश्नपत्र विषय अंग्रेजी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
10. [3] मॉडल प्रश्नपत्र विषय अंग्रेजी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023
11. [4] मॉडल प्रश्नपत्र विषय अंग्रेजी (हल सहित) कक्षा आठवीं वार्षिक परीक्षा 2023



आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
(I hope the above information will be useful and important. )
Thank you.

R. F. Tembhre
(Teacher)
edudurga.com

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