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ओलम्पियाड हेतु RSK द्वारा निर्धारित पुस्तकों की कहानियाॅं एवं उनके प्रश्न || हाथी, समुंदर की छोटी मछली, माफ नहीं करने वाला बंदर, गलती, सुस्त कौआ, जीवन मूल्य, लाल खरगोश, मेंढक और कुॅंआ

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[1] हाथी

एक जंगल में एक हाथी रहता था। उसका कोई मित्र नहीं था। एक दिन वह किसी न किसी को मित्र बनाने की चाह में निकला। उसे रास्ते में एक खरगोश मिला। हाथी ने पूछा- "क्या तुम मेरे मित्र बनोगे"? खरगोश ने मना करते हुए कहा— "मित्रता और तुम्हारे साथ? अगर मैं तुम्हारे पैरों के नीचे आगया तो मर जाऊँगा। मुझे नहीं चाहिए तुम्हारी मित्रता! ऐसे सोचना नादानी है।"
हाथी आगे बढ़ा। उसने एक बन्दर को देखा। हाथी ने अपनी इच्छा प्रकट की। बन्दर ने कहा, "यह कैसे हो सकता है? हम तो मित्र बन ही नहीं सकते।"

हाथी निराश हो गया। किसी न किसी को मित्र बनाने की इच्छा से ढूँढता निकला। उसने मेंढक और कई जानवरों को देखा, लेकिन कोई भी उसका मित्र बनने के लिए तैयार नहीं था। कछुए ने भी रुचि नहीं दिखाई।
हाथी कुछ उलझन में पड़ गया। जब वह एक पेड़ के नीचे खड़ा हुआ तो देखा कि कई जानवर डर के मारे भाग रहे हैं। हाथी ने एक हिरण को रोक कर पूछा कि ये सारे जानवर ऐसे क्यों भाग रहे हैं?

भागते हिरण ने उत्तर दिया कि "बाघ हमें मारने के लिए आ रहा है।" गुस्से में हाथी शेर को ढूँढता चला। दहाड़ता हुआ बाघ भी उसी ओर आता दिखा। हाथी ने शेर से पूछा "तुम्हें बेचारे ये जानवर ही मिले हैं क्या मारने के लिए? तुम उन्हें क्यों मारते हो?" बाघ ने कहा— "तुम्हें क्या मतलब? यहाँ से हटो!" गुस्से में आकर हाथी ने शेर को अपनी मजबूत सूंड से पकड़ा और ऊॅंचा उठाया। एक ही झटके में दूर फेंक दिया। बाघ डर के मारे दौड़ता हुआ भाग निकला।

इस दृश्य को सारे जानवर आश्चर्य के साथ देख रहे थे। वे सब हाथी के पास मिलकर आये। उन्होंने एक साथ खुशी प्रकट की। इसके बाद सारे जानवर, हाथी के मित्र बन गए। एक अच्छा काम करने से हमें कई मित्र मिलते हैं।

अभ्यास

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
(1) हाथी क्या ढूँढ रहा था?
(2) क्या बन्दर उसका मित्र बनना चाहता था?
(3) हिरण ने हाथी से क्या कहा?
(4) हाथी ने शेर के साथ क्या किया?
(5) क्या जानवर खुश हुए?

II. भूत कालिक क्रियायें लिखिए—
(1 ) उठना —
(2) खेलना —
(3) हिलना —
(4) पूछना —
(5) रहना —

[2] समुंदर की छोटी मछली

एक समुद्र में छोटी सी मछली रहती थी। उसके मन में हमेशा डर रहता था। अपने हर एक डर का उत्तर पाने के लिए वह अपनी माँ के साथ इधर-उधर तैरती रहती थी। उसे ऐसे सन्देह उठते थे कि हम इतने रंगों में क्यों हैं? हम बड़ी मछलियों से क्यों डरते हैं? मैं दूसरों से छोटी क्यों है वगैरह.... वगैरह... उसकी माँ कुछ न कुछ उत्तर देकर छोटी मछली को शान्त करती थी।

एक दिन छोटी मछली को दूसरी मछलियों की बातें सुनने का अवसर मिला। वे मछलियाँ समुद्र के बारे में, उसकी गहराई के बारे में और आते-जाते लहरों के बारे में जैसे कई विषयों पर चर्चा कर रही थीं। छोटी मछली ने अपनी माँ से लहरों को दिखाने के लिए कहा।

माँ ने हँस कर कहा— "हम तो समुद्र में ही रहते हैं।" लेकिन छोटी मछली बड़ी अडिग थी। बोली "नहीं! हम समुद्र में नहीं है। हम पानी में है। अब मुझे समुद्र में ले चलो"। दोनों मछलियाँ समुद्र के ऊपरी भाग पर आयीं। उसी समय, मछुआरों ने अपने जालों को समुद्र में बिछाया था और दोनों मछलियाँ उसमें फॅंस गयीं।

जालों में फॅंसी बहुत सारी दूसरी मछलियाँ चिल्लाने लगीं कि—
"ये हमें मारने के लिये समुद्र से बाहर ले जा रहे हैं। हम कैसे बच निकल सकते हैं?" अब जाकर छोटी मछली को समझ में आया कि समुद्र कैसे होता है। उसने सोचा- "अगर मैं ने अपनी माँ की बात मान ली होती तो ऐसे जाल में नहीं फॅंसती"। सोचते हुए वह डर के मारे माँ के पास गई।

माँ ने कहा— "अब पछताने से कोई फायदा नहीं। बड़ी मछलियाँ तो जाल से बच निकल नहीं सकतीं। लेकिन तुम बहुत छोटी हो। इसलिये यहाँ से आसानी से निकल सकती हो। अब यहाँ से निकलो, वरना हमारे साथ तुम भी मर जाओगी।"
छोटी मछली जाल से निकल कर अपनी जान बचायी। किन्तु अपने सन्देहों के कारण माँ को खो बैठी।

अभ्यास

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
(1) छोटी मछली क्या क्या प्रश्न पूछ रही थी?
(2) वह कहाँ जाना चाह रही थी?
(3) मछलियों को किसने पकड़ा था?
(4) क्या छोटी मछली बचकर निकल सकी?

II. विलोम शब्द लिखिए—
गहरा —
बड़ा —
दूर —
नीचे —
पतला —

[3] माफ नहीं करने वाला बंदर

बहुत समय पहले चंद्र नाम का एक राजा था। उसने अपने पुत्र के मनोरंजन के लिए कुछ बंदरों और भेड़ों को पाल रखा था। उनमें से एक भेड़ बहुत चटोर था। हर घंटे वह रसोई घर में जाता और जो कुछ भी नजर आता उसे चट कर जाता।
नाराज रसोइए जो भी उनके हाथ आता उसी से उसकी पिटाई करते थे।
सभी बंदर हर रोज यह तमाशा देखते थे।

एक दिन बंदरों के सरदार ने कहा- "रसोइयों और इस भेड़ का रोज का यह झगड़ा हमारे जीवन के लिए खतरा बनेगा।" जरा सोचो, किसी दिन रसोइए के हाथ जलती हुई लकड़ी आ गई तो वह उसी से इस भेड़ को पीटेगा। इससे भेड़ की ऊन से भरी पीठ में आसानी से आग लग जाएगी। इससे घबरा कर वह भेड़ फूस से छाए अस्तबल में भागेगा। इससे अस्तबल में आग लग जाएगी और घोड़े जल जाएँगे।

फिर इन लोगों को घोड़ों के घावों को भरने के लिए हम बंदरों की चर्बी की जरूरत पड़ेगी तब सोचो क्या होगा? लेकिन इस राजा को इस रोज-रोज के झगड़े की ज़रा भी चिंता नहीं है। ऐसे राजा को हम कैसे क्षमा कर सकते हैं।

एक दिन जंगल में घूमते घामते बंदरों का सरदार पानी पीने के लिए एक सुंदर झील के पास आया। उस झील में कमल के ढेर सारे फूल खिले हुए थे। थोड़ा नजदीक जाने पर उसने देखा कि पैरों के कुछ निशान पानी की तरफ गये हुए हैं। लेकिन वहाँ से कोई बाहर आता हुआ नहीं दिखा। उसे आशंका हुई कि इस झील में कोई खूँखार जीव रहता है। इसलिए उसने एक कमल नाल को पाइप की तरह इस्तेमाल करते हुए दूर से ही पानी पीया । अचानक मोतियों की माला गले में पहने हुए एक भयानक मनुष्य पानी से बाहर निकला में पानी में उतरने वाले हर किसी को खा जाता है। लेकिन तुम तो पानी पीने को झील में आए ही नहीं। मैंने तुम सा चालाक आज तक नहीं देखा। मुझसे जो मांगो, तुम्हें सो मिलेगा। "सर, बंदर ने कहा “आप एक बार में कितने लोगों को खा सकते हैं?
वह भयानक आदमी बोला "जितने भी लोग पानी में उतरते हैं, उन सभी को मैं खा सकता हूँ। पर जल से बाहर तो एक लोमड़ी भी मुझे पछाड़ सकती है।"

इस पर बंदर बोला "एक राजा मेरा बहुत बड़ा शत्रु है। "अगर आप मुझे मोतियों की इस माला को देंगे तो मैं राजा के मन में इसके लिए लालच जगा कर, राजा को अपने पूरे लोगों के साथ यहाँ पानी में उतरने के लिए मजबूर कर सकता हूँ।" मित्र इसके लिए मान गया और अपनी मोतियों की माला को बन्दर के हाथ में दे दिया।

जब लोगों ने बन्दर को सुन्दर मोतियों की माला पहने इधर उधर घूमते देखा तो उससे पूछा-'चमकते मोतियों की यह सुन्दर माला तुम्हें कहाँ से मिली?" बंदर ने कहा- मुझे एक झील मिली है जिसमें देवताओं का खजाना छुपा हुआ है। रविवार के दिन जो भी उस झील में डुबकी लगाता है उसके हाथ एक ऐसी ही माला लगती है। राजा ने जब यह सुना तो उस बंदर को बुलाकर पूछा कि यदि यह बात सच है तो वह उसे उस झील के पास ले चले। अगले ही रविवार को राजा अपने आदमियों के साथ सुबह होने से थोड़ा पहले ही उस झील के किनारे पहुँचा। वहाँ बंदर ने कहा आप अपने आदमियों से कहिए कि वे सूर्योदय होते ही एक साथ इस झील में छलांग लगा दें। इसके बाद मैं आपको वह स्थान दिखाऊंगा जहाँ आप ढेर सारा हार पा सकेंगे।" सूरज उगते ही राजा का आदेश पाकर सभी लोग पानी में कूद गए पर उनमें से एक भी बाहर नहीं आया। चक्कर में पड़े राजा ने बंदर से पूछा- मेरे आदमियों का क्या हुआ? वे बाहर क्यों नहीं आ रहे हैं?" बंदर जल्दी से एक पेड़ पर चढ़ गया और बोला "अरे दुष्ट राजा, तुमने अपने महल में हम बंदरों के मौत की साजिश की। मैंने तुम्हारी जान बख़्श दी क्योंकि आखिरकार तू हमारा राजा है।" उदासी से भरा राजा धीरे-धीरे अपने महल में लौटा।

अभ्यास

|. निम्नलिखित कॉलम 'A' के शब्दों का मिलान कॉलम 'B' में दिए गए उनके अर्थों से करें—
――A ―――――――― B
1. आमोद-प्रमोद ――― a. बलशाली होना
2. चमक ―――――― b. डुबकी लगाना
3. परवाह करना ―――― c. मनोरंजन
4. कूदना ―――――― d. फिक्र करना
5. भारी पड़ना ――――― e. चकाचौंध

||. निम्नलिखित बातें सही हैं या गलत?
1. भेड़ों के झुंड को राजा मांस के लिए पालता था।
2. रसोइए रोज बंदरों को मारते थे।
3. कमल के खोखले नाल से बंदर ने पानी पिया।
4. बंदर की बातें सुनकर राजा का लोभ जाग गया।
5. राजा के आदमी तुरंत पानी से बाहर आ गए।

|||. रिक्त स्थानों को कहानी से उपयुक्त शब्दों को लेकर भरिए―
1. एक नरभक्षी ----- पानी से बाहर आया।
2. राजा झील के पास ------- के साथ पहुँचा।
3. बंदर ने कमल के नाल का उपयोग ---- के लिए किया।
4. महल के घुड़साल की छत -------- की थी।
5. उस नरभक्षी ने --------- का हार पहन रखा था।

IV. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दें―
1. राजा ने महल में बंदरों और भेड़ों को क्यों पाल रखा था?
2. रसोई घर में जाकर वह भेड क्या करती था?
3. बंदरों के सरदार ने पानी पीने के लिए कमल नाल का उपयोग क्यों किया?
4. बंदर को मोतियों की माला कहाँ से मिली?
5. राजा के आदमियों का क्या हुआ?

[4] गलती

छोटे-बड़े पेड़ और झाड़ियों से भरा एक घना जंगल था। एक दिन पेड़ आपस में बात करने लगे। "देखो! इन जानवरों को हम छाया देते हैं। पर वे हमारे आसपास को गन्दा कर देते हैं।" एक वृक्ष ने कहा। “हाँ! उसका दुर्गन्ध भी सारे जंगल में फैल रही है।" दूसरे पेड़ ने कहा। "वे यहाँ गन्दगी फैला रहे हैं, फिर भी हम चुप हैं। हमें कुछ करना होगा। " "हमें उन्हें भगा देना चाहिए।" एक छोटे पेड़ ने कहा।
एक बूढ़ा बरगद का पेड़ उनकी वार्तालाप सुन रहा था। उसने कहा- "यह सही नहीं है। हम एक-दूसरे पर निर्भर हैं। हमें ऐसा नहीं...." आगे कुछ बोलने वाले बरगद को दूसरे पेड़ों ने बीच में ही टोक दिया।
"देखो! सबसे बड़े होने के कारण हम तुम्हारी आयु का सम्मान करते हैं। लेकिन यह गन्दगी और दुर्गन्ध अब हमसे और सही नहीं जाता। " सभी पेड़ों ने साफ कह दिया।

उसी समय एक वृक्ष के नीचे एक शेर आया। सभी पेड़ के अपनी शाखाओं को हिलाने के कारण भयंकर ध्वनियाँ निकलने लगीं।, शेर वहाँ से डर के मारे भाग निकला। इसी प्रकार से वहाँ आ रहे जानवरों को पेड़ों ने भगा दिया। उसके बाद भयंकर ध्वनियों से डर कर कोई भी जानवर उस जंगल में कदम नहीं रखा।

एक दिन वहाँ एक आदमी अपनी कुल्हाड़ी लेकर आया। एक पेड़ ने असमंजस में पड़कर पूछा - "वह यहाँ क्यों आया है?" बूढ़े बरगद ने कहा- “क्यों आया है? वह पेड़ों को काटने आया है। यहाँ जंगली जानवरों के रहने के कारण, इतने दिन मनुष्य यहाँ आने में डर रहे थे। तुम लोगों की हरकतों के कारण अब उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं रही।" पेड़ पछताने लगे कि अपने विनाश का कारण हम खुद बने।

अभ्यास

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
(1) जानवरों से पेड़ क्यों नाराज थे?
(2) जानवरों को पेड़ों ने कैसे डराया?
(3) शेर के आने पर पेड़ों ने क्या किया?
(4) आदमी कुल्हाड़ी लेकर जंगल में क्यों आया था?
(5) क्या बूढ़े बरगद की बात सही थी?

॥. किसने कहा?
(1) "हमें इन्हें भगा देना चाहिए।"
(2) "यह सही नहीं। हम एक दूसरे पर निर्भर हैं। हमें ऐसा नहीं...."
(3) 'वह यहां क्यों आया है?"
(4) 'क्यों आता है? वह पेड़ों को काटने आया है।'

III. सही अर्थों की जोडियाँ बनाइए—
(1) विशाल — सन्नाटा
(2) मलिन — डर
(3) शान्त — नन्हा
(4) भय — बडा
(5) छोटा — गन्दा

[5] सुस्त कौआ

एक गिलहरी और एक कौआ, दो अच्छे मित्र खेत में फसल उगाना चाहते थे। इसलिए, अगले दिन गिलहरी ने कौए से कहा कि वह बीज बोने के लिए आये। सुस्त कौए ने कहा, "मैं बाद में आऊँगा।"
कुछ दिनों बाद गिलहरी ने कौए से कहा कि वह आकर फसल को पानी देने में उसका साथ दे।
कौए ने उससे कहा, "पहले तुम जाओ, मैं बाद में आऊँगा।"

दो महीने बाद फसल कटाई के लिए तैयार हो गई । फिर से गिलहरी ने कौए से कहा कि वह फसल की कटाई करने के लिए उसकी सहायता करे। परन्तु कौऐ ने कहा, "मैं बाद में आऊँगा!" तब मेहनती गिलहरी ने फसल की कटाई की और उसे दो भागों में बाँट कर रख दिया।

गिलहरी ने अपने हिस्से की फसल को बाज़ार में बेच दिया। कौआ अपनी कटी हुई फसल लेने कुछ दिनों बाद गया। परन्तु वर्षा के कारण उसकी कटी हुई फसल बह चुकी थी।
सीख : सारी समस्याएँ सुस्ती के कारण ही होती हैं।

अभ्यास

1. कौन अच्छे मित्र थे?
2. किसने कहा, "मैं बाद में आऊँगा।"
3. दो महीने बाद खेत में क्या हुआ?
4. गिलहरी ने अपने हिस्से की फसल का क्या किया?

'अ' और 'ब' में ठीक जोड़ियाँ बनाइए।
'अ' ——————'ब'
1. गिलहरी —— क. छोटा पंछी
2. कौआ —— ख. हरे रंग का पंछी
3. तोता —— ग. लम्बी पूंछ
4. चिड़िया —— घ. काले रंग का

'सही' या 'ग़लत' (√, X) लिखिए—
1. गिलहरी सुस्त है।
2. कौए ने खेत में पानी दिया।
3. गिलहरी ने फसल को दो भागों में बाँटा।
4. कौए ने अपनी फसल बेच दी।

[6] जीवन मूल्य

गुरुकुल में तीन विद्यार्थियों ने एक गुरु के पास अपनी शिक्षा पूरी की। गुरु ने उनसे कोई गुरुदक्षिणा नहीं माँगी। किन्तु विद्यार्थियों को लगा कि गुरुकुल से जाने से पहले उन्हें कुछ गुरुदक्षिणा देना हमारा कर्तव्य बनता है। विद्यार्थियों ने यही बात अपने गुरु से कही और कुछ न कुछ माँगने के जिद की। गुरु ने मुस्कुराकर कहा कि - "ठीक है। जाकर किसी से एक थैले भर झड़े हुए पत्ते माँगो और मुझे दो।"

विद्यार्थी मान गए। किन्तु उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि गुरुजी ने हमसे नीचे गिरे सूखे पत्ते लाने के लिए क्यों कहा होगा? यह कैसी गुरुदक्षिणा, क्योंकि ऐसे पत्ते तो किसी के लिए कोई काम के नहीं होते।

वे एक किसान के पास गए। उससे थैले भर सूखे गिरे पत्तों को उन्होंने माँगा।
किन्तु किसान ने कहा- "मैं अपने बगीचे को उन पत्तों को खाद के रूप में डालता हूँ। इसलिए नहीं दे सकता।"
एक मध्यम वर्गीय व्यक्ति से उन्होंने पत्ते माँगा तो उसने भी मना करते हुए कहा कि - "मैं नहीं दे सकता क्योंकि इन पत्तों से मैं खाने के पत्तल बनाता हूँ।"

विद्यार्थी एक बुढ़िया के पास गए और उससे सूखे पत्ते माँगे। उसने कहा- "अपना भोजन बनाने के लिए ये सूखे पत्ते मेरे लिए आग जलाने के काम आते हैं। इसलिए मैं नहीं दे सकती।"

इस प्रकार, बहुत कोशिश करने के बाद भी उन विद्यार्थियों को नीचे गिरे सूखे पत्ते नहीं मिले। तीनों गुरु के पास गए और उन्होंने बताया कि हम सूखे पत्ते जुटा नहीं पाये।

गुरु ने उनसे कहा- "अब तुम्हें समझ में आया होगा कि गिरे हुए सूखे पत्तों को भी मूल्यवान समझा जाता है तो हमारे जीवन का मूल्य कितना महान है। मैं यही चाह रहा था कि तुम इस महान सत्य को समझो! जीवन के इन्हीं अनमोल मूल्यों पर अपना जीवन आगे बढाओ। मुझे इससे अधिक कुछ नहीं चाहिए।"

अभ्यास

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
(1) गुरुजी के पास कितने विद्यार्थी थे?
(2) उन्होंने क्या करना चाहा ?
(3) गुरु ने उनसे क्या लाने के लिए कहा?
(4) गुरु ने अपने विद्यार्थियों से क्या कहा?

॥. "जीवन का मूल्य" कहानी को अपने शब्दों में लिखिए—

III. निम्नलिखित वाक्यों को जोड़िए—
विद्यार्थी — थैला भर सूखे पत्ते लाने के लिए कहा।
गुरु ने विद्यार्थियों से — अपने बगीचे में खाद के लिए करता है।
किसान सूखे पत्तों का उपयोग — आग जलाने के काम में आते हैं।
मध्यमवर्गीय व्यक्ति — गुरु दक्षिणा देना चाह रहे थे।
बूढ़ी औरत के लिए सूखे पत्ते — सूखे पत्तों से पत्तल बनाकर भोजन करता है।
गुरु अपने विद्यार्थियों को — जीवन का मूल्य सिखाना चाह रहे थे।

IV. पाँच शाकाहारी जानवरों के नाम लिखिए—
1. 2. 3. 4. 5.

[7] लाल खरगोश

एक दिन एक शरारती सफेद खरगोश घूमते-फिरता घने वन में चला गया। उसने कहीं पर एक नई लाल बेल देखी। उसने उसके पत्ते खाकर देखा तो उन्हें बहुत स्वादिष्ट और रसदार पाया। इसलिए उन्हें मन तृप्त होने तक खाकर घर लौट आया।

एक लोमड़ी उसके पीछे से आयी और तुरंत ही उसे पकड़ लिया। उसे एक थैले में डाल घर ले आयी। खरगोश को बहुत ही दुःख हुआ कि वह घर से बहुत दूर चला आया है। जैसे ही लोमड़ी अपनी गुफा में पहुँची, उसने थैला खोला।

उसे अचरज हुआ। उसने देखा थैले में सफेद खगोश के स्थान पर एक लाल खरगोश है। खरगोश भी अचरज में पड़ गया। परन्तु उसे ध्यान आया कि उसने लाल पत्ते जो खाये थे, उससे वह लाल रंग का हो गया। फिर उसने लोमड़ी को डराना शुरू कर दिया।

खरगोश ने घोड़े की कर्कस आवाज निकालकर कहा, "मैं एक रंग बदलने वाला भयानक पशु हूँ। मैं केवल भूमि पर जंतुओं का स्वाद चखने मंगल ग्रह से आया हूँ। अच्छा है मुझे तुम मिल गई, आओ।" तब क्या था ! लोमड़ी थैले को वहीं छोड़ वहाँ से नौ दो ग्यारह हो गई।
सीख : तेज़ बुद्धि हो तो किसी भी विपत्ति से छूटा जा सकता है।

अभ्यास

1. खरगोश का रंग कैसे बदला?
2. उसको थैले में कौन उठाकर ले गया?
3. खरगोश ने थैले से बाहर आकर तुरंत क्या किया?
4. थैले को वहीं छोड़कर लोमड़ी क्यों भाग निकली?

रिक्त स्थान भरिए—
1. एक शरारती सफेद खरगोश ---- वन में निकल गया।
2. खरगोश ने उन्हें बहुत ----- और ----- पाया।
3. ----- को ----- डराने लगा।
4. मैं केवल भूमि पर ------ का स्वाद चखने ----- से आया हूँ।

'सही' या 'गलत' (✔️✖️) लिखिए—
1. खरगोश लाल पत्ते को मन तृप्त होने तक खाकर घर लौट आया। ( )
2. खरगोश ने लोमड़ी को पकड़कर थैले में डाल लिया। ( )
3. लोमड़ी खरगोश से डर गयी। ( )
4. खरगोश लोमड़ी से बलवान था। ( )

[8] मेंढक और कुॅंआ

बहुत समय की बात है, दो मेंढक रहा करते थे। दोनों एक गाँव में साथ रहते थे। उस स्थान में एक वर्ष तक वर्षा नहीं हुई। कुएँ और तालाब सूख गए। इसलिए दोनों मेंढक पानी की तलाश में निकल गये। वे पानी की तलाश में कई जगह गये। अंत में उन्होंने एक कुआँ तलाश लिया।

वे कुएँ के पास गये और देखा कि उसमें बहुत पानी है। कुआँ बहुत गहरा था। दोनों मेंढकों ने कुएँ में जाने की सोची। वे निर्णय नहीं ले पाये कि कुएँ में छलाँग लगानी है कि नहीं। जल्दी ही दोनों में वाद-विवाद होने लगा।
उनमें से एक मेंढक ने कहा, "इस कुएँ में बहुत पानी है। चलो गोता मारकर उसमें जी लेते हैं। हम इस कुएँ में बहुत खुश रहेंगे।" दूसरे मेंढक ने उसका समर्थन नहीं किया। उसने कुछ देर सोचा और कहा, "यह सच है कि अब इस कुएँ में बहुत सारा पानी है। परन्तु देखो कुआँ बहुत ही गहरा है। यदि कभी भविष्य में कुएँ का पानी सूख गया, हम बाहर नहीं निकल पाएँगे। हम वहीं मर जाएँगे। इसलिए हमें छलाँग लगाने का निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह सोचना होगा। यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि जीवन में किसी निर्णय पर आने से पहले हमें दो बार सोच लेनी चाहिए।"

अभ्यास

I. रिक्त स्थान भरिए।
1. क्योंकि वर्षा नहीं हुई, ----- और ---- सूख गए।
2. दोनों मेंढक ------ की तलाश में निकल पड़े।
3. कुआँ बहुत ----- था।
4. एक मेंढक कुएं में ------ मारने का इच्छुक था।
5. दूसरे मेंढक ने कहा कि हमें किसी ---- पर पहुँचने से पहले अच्छी तरह सोचना चाहिए।

II. विलोम शब्द लिखिए।
1. सूखा —
2. बाहर —
3. मरना —
4. महत्त्वपूर्ण —
5. गहरा —

III. निम्न लिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए।
1. दोनों मेढक गाँव छोड़कर क्यों चले गये?
2. उन्होंने जो कुआँ पाया उस पर दो वाक्य लिखिए।
3. दोनों मेढकों के बीच वाद-विवाद क्यों हुआ?
4. एक मेंढक तुरंत ही क्या करना चाहता था?
5. दूसरे मेंढक ने क्या सुझाव दिया?

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1. RSK निर्धारित पुस्तक "माफ नहीं करने वाला बंदर" कहानी व अभ्यास प्रश्न
2. पर्यावरण ओलंपियाड प्रतियोगिता परीक्षा कक्षा 4 व 5 के लिए 100 प्रश्न
2. प्रश्न मंच ओलंपियाड प्रतियोगिता परीक्षा हेतु अभ्यास के लिए 100 प्रश्न
3. कक्षा 6 से 8 हेतु प्रश्न मंच की तैयारी हेतु 100 प्रश्न
4. कक्षा 6 से 8 हेतु प्रश्न मंच (सामाजिक विज्ञान) की तैयारी हेतु 100 प्रश्न

ओलंपियाड क्विज 2023-24 की तैयारी हेतु लिंक्स👇
1. कक्षा 2 एवं 3 हेतु हिंदी ओलंपियाड के लिए 100 प्रश्न
2. ओलम्पियाड हेतु पुस्तकें पूँछ की पूछ कहानी एवं अभ्यास प्रश्न
3. प्रश्न मंच ओलंपियाड प्रतियोगिता हंड्रेड क्वेश्चंस
4. पर्यावरण के 100 प्रश्न ओलम्पियाड प्रतियोगिता2023-24
5. प्रश्न बैंक से गणित कक्षा 6 के 70 प्रश्न
6. प्रश्न बैंक से गणित कक्षा 6 के 100 प्रश्न
7. 100 प्रश्न वर्ड पावर चैम्पियनशिप कक्षा 2 व 3
8. ओलंपियाड प्रतियोगिता की तैयारी हेतु कक्षा 6 से 8 के लिए विज्ञान के प्रश्न
9. ओलंपियाड प्रतियोगिता कक्षा 6 से 8 हिंदी विशिष्ट 100 प्रश्न
10. ओलंपियाड आयोजन से संबंधित महत्वपूर्ण 27 बिंदु

अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 2023-24 की तैयारी हेतु प्रश्नोत्तरी की लिंक्स👇
1. अंग्रेजी ओलम्पियाड कक्षा 6 से 8 अभ्यास हेतु 100 प्रश्न
2. ओलम्पियाड सत्र 2023-24 100 प्रश्न कक्षा 2 व 3
3. ओलम्पियाड 2023-24 अंग्रेजी (कक्षा 4 व 5 हेतु अभ्यास प्रश्न पत्र)
4. कक्षा 2 व 3 की तैयारी हेतु ओलंपियाड 2023-24 पत्र पत्र
5. ओलंपियाड 2023-24 कक्षा 2 व 3 की तैयारी हेतु पत्र पत्र
6. कक्षा 2 व 3 के लिए ओलंपियाड 2023-24 की तैयारी हेतु पत्र पत्र
7. कक्षा 2 English Reader से ओलम्पियाड हेतु प्रश्न
8. ओलम्पियाड 2023-24 अंग्रेजी अभ्यास प्रश्न पत्र (Word power championship) कक्षा 2 व 3
9. अंग्रेजी कक्षा 4 व 5 ओलम्पियाड 2023-24 अभ्यास प्रश्न पत्र (Word power championship)
10. ओलम्पियाड परीक्षा 2023-24 कक्षा 6 से 8 विषय गणित तैयारी

मॉडल आंसर शीट ओलंपियाड प्रतियोगिता परीक्षा 2022-23
1. मॉडल उत्तर शीट- ENGLISH ओलंपियाड परीक्षा कक्षा 6 से 8 सत्र 2022-23
2. मॉडल उत्तर शीट- ENGLISH ओलंपियाड परीक्षा कक्षा 6 से 8 सत्र 2022-23
3. मॉडल उत्तर शीट- सामान्य ज्ञान ओलंपियाड परीक्षा कक्षा 6 से 8 सत्र 2022-23
4. मॉडल उत्तर शीट- अंग्रेजी ओलंपियाड परीक्षा कक्षा 4 एवं 5 सत्र 2022-23
5. मॉडल उत्तर शीट- अंग्रेजी ओलंपियाड परीक्षा कक्षा 2 एवं 3 सत्र 2022-23
6. मॉडल उत्तर शीट- गणित ओलंपियाड परीक्षा कक्षा 6 से 8 सत्र 2022-23
7. मॉडल उत्तर शीट-हिन्दी ओलंपियाड परीक्षा कक्षा 6 से 8 सत्र 2022-23

अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज (प्राथमिक स्तर) से संबंधित वैकल्पिक प्रश्नों का अध्ययन करें
1. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 100 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -1
2. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 50 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -2
3. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 50 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -3
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8. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 50 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -8
9. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 50 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -9
10. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 4th व 5th के लिए 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -10
11. कक्षा 2 अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -11
12. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -12
13. कक्षा 2 के लिए अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग- 13
14. कक्षा 2 व 3 के लिए अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग- 14
15. कक्षा 2 के लिए अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग- 15
16. प्राइमरी स्तर के लिए अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग- 16
17. प्राइमरी स्तर कक्षा 2 के लिए अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग- 17
18. प्राइमरी स्तर अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग- 18
19. प्राइमरी स्तर कक्षा 2 के लिए अंग्रेजी ओलंपियाड वैकल्पिक प्रश्न, भाग- 19
20. कक्षा 3 के लिए अंग्रेजी ओलंपियाड वैकल्पिक प्रश्न, भाग- 20
21. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -21
22. ग्रामर पार्ट प्राइमरी स्तर अंग्रेजी ओलंपियाड वैकल्पिक प्रश्न भाग -22
23. अंग्रेजी रीडर से ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -23
24. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -24
25. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 100 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -25
26. अंग्रेजी ओलंपियाड क्विज 30 वैकल्पिक प्रश्न, भाग -26

ओलम्पियाड क्विज हेतु विज्ञान विषय के वैकल्पिक प्रश्नों का अध्ययन करें।
1. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 1
2. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 02
3. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 03
4. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 04
5. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 05
6. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 06
7. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 07
8. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 08
9. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 09
10. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 10
11. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 11
12. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 12
13. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 13
14. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 25 उत्तर सहित, भाग - 14
15. विज्ञान ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 100 उत्तर सहित, भाग - 15

माध्यमिक स्तर ओलम्पियाड क्विज हेतु अंग्रेजी विषय के वैकल्पिक प्रश्नों का अध्ययन करें।
1. अंग्रेजी ओलंपियाड - माध्यमिक स्तर कक्षा 6 से 8 कुल 100 प्रश्न, भाग -01
2. अंग्रेजी ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 25 प्रश्न हल सहित, भाग -02
3. अंग्रेजी ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 03
4. अंग्रेजी ओलंपियाड माध्यमिक स्तर 50 उत्तर सहित, भाग - 04

ओलम्पियाड क्विज हेतु हिन्दी विषय के वैकल्पिक प्रश्नों का अध्ययन करें।
1. हिन्दी ओलंपियाड 110 प्रश्न कक्षा 6 से 8,भाग - 1
2. हिन्दी ओलम्पियाड कक्षा 6 से 8 (हल सहित) 25 प्रश्न, भाग - 2
3. हिन्दी वैकल्पिक प्रश्न ओलम्पियाड क्विज (माध्यमिक स्तर) उत्तर सहित 25 प्रश्न, भाग - 3
4. हिन्दी वैकल्पिक प्रश्न ओलम्पियाड क्विज (माध्यमिक स्तर) उत्तर सहित 25 प्रश्न, भाग - 4
5. हिन्दी वैकल्पिक प्रश्न ओलम्पियाड क्विज (माध्यमिक स्तर) उत्तर सहित 100 प्रश्न, भाग - 5

ओलम्पियाड क्विज हेतु गणित विषय के वैकल्पिक प्रश्नों का अध्ययन करें।
1. गणित ओलम्पियाड कक्षा 6 से 8 हल सहित प्रश्न भाग - 1
2. गणित वैकल्पिक प्रश्न ओलम्पियाड क्विज (माध्यमिक स्तर) उत्तर सहित 50 प्रश्न, भाग - 2
3. गणित ओलम्पियाड कक्षा 6 से 8 (हल सहित) प्रश्न, भाग - 3
4. गणित ओलम्पियाड कक्षा 6 से 8 (हल सहित) 25 प्रश्न, भाग - 4
5. गणित ओलम्पियाड कक्षा 6 से 8 (हल सहित) 25 प्रश्न, भाग - 5
6. गणित ओलम्पियाड कक्षा 6 से 8 (हल सहित) 50 प्रश्न, भाग - 06
7.

I hope the above information will be useful and important.
(आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।)
Thank you.
R F Temre
edudurga.com

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(संबंधित जानकारी के लिए नीचे दिये गए विडियो को देखें।)
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